मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर वर्षा प्रभावित जिलों के जान-माल की रक्षा और बचाव के काम युद्धस्तर पर तेज कर दिए गए हैं. जिला प्रशासन ने चौबीसों घंटे मुस्तैद रहते हुए आपदा से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व एवं संबंधित जिले के कलेक्टर से सतत संपर्क रखकर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए. मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर वर्षा से प्रभावित 36 जिलों में बचाव और राहत के काम तत्काल शुरु किए गए हैं.
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने आज अहम निर्णय लिये। मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। बैठक समाप्त होने के बाद राज्य में मंत्री पीसी शर्माा ने पत्रकारों से चर्चा की। जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य में शैक्षणिक संस्थाओं और नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश की अगले पांच साल में विकास की दिशा क्या रहेगी, इसका खाका कमलनाथ सरकार ने खींचना शुरू कर दिया है। इसे विजन 2025 नाम दिया गया है। इसके तहत सभी विभागों को एक पखवाड़े में अगले पांच साल में किए जाने वाले कामों का खाका खींचने के लिए कहा गया। इसमें फोकस रोजगार और अधोसंरचना विकास पर रखा जा सकता है। मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती ने विभागों के आला अफसरों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा बता दी है। विजन 2025 के लिए समन्वय का जिम्मा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल को सौंपा गया है। वहीं, दस्तावेज को तैयार करने का काम सेवानिवृत्त अफसर प्रसन्न् कुमार दास को दिया गया है।
कमलनाथ सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Verma) ने मोदी सरकार (Modi govt) के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर बधाई देते हुए प्रशंसा की है. वर्मा ने कहा कि हम दूसरे कार्यकाल में 100 दिन पूरे करने पर मोदी सरकार को बधाई देते हैं. चाहते हैं कि सरका पांच साल पूरे करे, फिर चाहे वह केंद्र की सरकार हो या राज्य की.
जबलपुर के सांसद और मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए उन्हें असहाय बताया है। सिंह ने कहा कि इससे पहले प्रदेश में कोई भी सीएम इतना असहाय नहीं रहा, जितने कमलनाथ हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ घोषित रूप से मुख्यमंत्री है लेकिन कांग्रेस के और बड़े नेता, वो भी इस प्रयास में हैं कि कमलनाथ ज्यादा समय तक सीएम न रहें। उधर कमलनाथ इस प्रयास हैं कि वे मुख्यमंत्री बने रहें।
वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा पिछले तीन दिन से दिए जा रहे आग उगलते आरोपों से सियासी माहौल चौथे दिन भी भारी बरसात के बावजूद सरगर्म रहा। हालांकि सिंघार ने तो मुख्यमंत्री कमलनाथ से मंगलवार की रात हुई मुलाकात के बाद एकदम से चुप्पी साध ली, लेकिन अपने नेता पर हुए राजनीतिक हमलों से आहत दिग्विजय समर्थक मुखर हो गए।
अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठीं नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर ने नौ दिन बाद आखिरकार अनशन खत्म कर दिया है। साथी आंदोलनकारियों के साथ सभी की सहमति के बाद मेधा पाटकर ने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। जानकारी के मुताबिक इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य के पूर्व मुख्य सचिव शरदचंद्र बेहार को अपने दूत के रूप में मेधा पाटकर से चर्चा के बड़वानी जिले में भेजा था।
गुना-शिवपुरी संसदीय सीट से भाजपा ( BJP ) सांसद केपी यादव ( कृष्णपाल यादव ) ने अशोकनगर जिले की महिला कलेक्टर को लेकर विवादित बयान दिया है। सांसद केपी यादव ( KP Yadav ) सोमवार को अशोक नगर में खराब फसलों की समस्या और पंचायतों का सीमांकन को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान जिले की कलेक्टर सांसद से ज्ञापन लेने नहीं पहुंचीं। जिसके बाद सांसद नाराज होकर सड़क पर ही प्रदर्शन करने लगे और इस दौरान सांसद केपी यादव ने महिला कलेक्टर को लेकर विवादित बयान दे दिया। केपी यादव 2019 में पहली बार सांसद बने हैं।
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल गौर (89) का बुधवार को राजधानी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। गौर 2004 में उमा भारती के पद छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री बने थे। उमा ने उन्हें गंगाजल हाथ में रखकर उन्हें कसम दिलाई थी कि जब कहूं तब सीएम की कुर्सी छोड़ देना। लेकिन, बाद में उमा ने जब उनसे इस्तीफा मांगा तो गौर ने साफ इनकार कर दिया था। उमा ने गौर को कसम याद दिलाई तो गौर ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि भाजपा में शक्ति परीक्षण की स्थिति बन गई।
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बयान पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने पलटवार किया है. सोमवार को भोपाल (Bhopal) में शिवराज ने कहा कि ये सिर्फ हिंदू और मुसलमान के तौर पर देश को देखते हैं. मुझे पी. चिदंबरम पर तरस आता है. उनके जैसे लोग ही कांग्रेस को और डुबाएंगे.